हादसा बड़ी चूक,नही लिया था काशन बार्ड का संज्ञान

मुजफ्फरनगर
यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली कस्बे के पास पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा-उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटना के कारणों में ‘काशन बोर्ड’ का संज्ञान नहीं लिया जाना एक बड़ी चूक मानी जा रही है जिसके चलते यह हादसा हुआ ।
इस दुर्घटना में 23 यात्रियों के मरने की पुष्टि हुई है। हालांकि, एक यात्री के मेरठ अस्पताल में आज सुबह मृत्यु की सूचना मिली है। हादसे में 200 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।
शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के हादसे के पीछे लोग रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही को कारण मान रहे हैं। जिस स्थान पर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई वहां पर पिछले कई दिनों से ट्रेन लाइन की मरम्मत का कार्य चल रहा था। इस ट्रेन के ने से पूर्व तक भी मरम्मत करने वाला गैंग रेल लाइन पर कार्य में जुटा था। इसके बावजूद खतौली की ओर से ट्रेन को पूरी स्पीड से निकाल दिया गया।
खतौली में दुर्घटनास्थल के निकट ही रहने वाले शिवपुरी के निवासी शेरसिंह के मकान के बाहर उपस्थित महिलाओं ने बताया कि यहां पर रेल लाइन की मरम्मत का कार्य कई दिनों से चल रहा था। मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाली दो ट्रेनों को कॉशन देकर करीब 20 किलोमीटर की रफ्तार से निकाला गया था। अन्य ट्रेनों को भी धीमी गति से ही निकाला जा रहा था।
शनिवार को दुर्घटनास्थल के निकट करीब 15 फुट की लाइन का टुकड़ा बदलने का कार्य चल रहा था। वेल्डिंग मशीन और अन्य औजार लेकर रेलवे का गैंग काम कर रहा था। इसके बावजूद मेरठ की ओर से आई उत्कल एक्सप्रेस के चालक को खतौली स्टेशन पर कॉशन नहीं दिया या। ट्रेन पूरी स्पीड से निकली और जहां मरम्मत कार्य चल रहा था उसी स्थान के निकट दुर्घटनाग्रस्त हुई। हालांकि खतौली रेलवे स्टेशन के अधिकारी आज मरम्मत की बात नहीं मान रहे हैं लेकिन इतना जरूर माना कि कुछ ट्रेनों को कम स्पीड से गुजारा गया। माना जा रहा है कि रेल लाइन का जहां टुकड़ा बदला जा रहा था वहां नट बोल्ट पूर्णत: दुरस्त न होने से हादसा हुआ।(एएनएस)