श्री जन्माष्टमी पर कन्हैया का रात में जन्म के बाद सुबह पूजन हुआ

प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजन कर सुख समृद्धि मांगी

हरिद्वार। कुशावर्त घाट के समीप प्राचीन हनुमान मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष रुप से पूजा अर्चना की गई। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर को भव्य रुप से सजाया गया। वही रात में जब कन्हैया का जन्म हुआ तो अगले दिन सुबह फिर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।
प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत रविपुरी महाराज ने बताया कि भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण का द्वापर युग में बुधवार के दिन रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्म लिया था भगवान कृष्ण तीनों लोको के 3 गुण सतगुण रज गुण और टमो गण में से सतयुग विभाग के प्रभावी हैं।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार मंदिर में झांकियां लगाने के साथ ही बड़ा आयोजन नहीं किया गया। केवल कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिर में विशेष रूप से पूजा अर्चना की गई। रात में भगवान कन्हैया के जन्म होने पर मिष्ठान वितरण किया गया। इसके बाद मंगलवार की सुबह विशेष पूजन कर विश्व कल्याण और सुख समृद्धि की कामना भगवान से की गई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूरे जग के पालनहार है। उनकी कृपा दृष्टि पूरे संसार पर रहती है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हर वर्ष भव्य आयोजन और पूजा अर्चना की जाती है। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सूक्ष्म रूप से ही कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार भी प्राचीन हनुमान मंदिर में कोविड गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा गया।