विजय दिवस भारत के लिए ऐतिहासिक दिन: डाॅ. बत्रा

-विजय दिवस पर किया गया शहीदों को नमन
हरिद्वार
एस.एम.जे.एन. पी.जी. काॅलेज में विजय दिवस के अवसर दिवस पर आज काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा, मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. सरस्वती पाठक व मुख्य अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने काॅलेज में निर्मित शौर्य दीवार पर शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत प्रारम्भ से ही बहादुर वीर यौद्धाओं की भूमि है, जहाँ मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे वीर जवान अपने जीवन की बाजी लगाने से भी नहीं कतराते। हमारी भारतीय सेना ऐसे ही यौद्धाओं से भरी है और वर्ष 1971 में, जब हमनें विजय प्राप्त की थी, तो उस समय सम्पूर्ण विश्व हमारी सेना की बहादुरी का साक्षी था। इस अभूतपूर्व जीत का जश्न मनाने के लिए विजय दिवस मनाया जाता है। डाॅ. बत्रा ने उत्साहित होते हुए कहा कि 16 दिसम्बर विजय दिवस भारत के लिए ऐतिहासिक तथा प्रत्येक भारतवासी के लिए दिल में उमंग पैदा करने वाला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि लासनायक अल्बर्ट एक्का, लै. अरूण खेत्रपाल, कर्नल होशियार सिंह दहिया तथा फ्लाईंग अफसर निर्मलजीत सिंह शेखों को 1971 में विजय प्राप्त करने पर परमवीर चक्र से विभूषित किया गया। वर्तमान तक यह परमवीर चक्र केवल 21 बहादुर जवानों को ही प्राप्त हुआ है। डाॅ. बत्रा ने भारतीय सेना पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा ने इस युद्ध का नेतृत्व किया तथा यह दुनिया की तीसरी ऐसी जंग है जिसमें पाकिस्तान ने बिना जंग लड़े अपने घुटने भारतीय सेना के सामने टेक दिए।
मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. सरस्वती पाठक ने वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि विजय दिवस का जश्न मनाने के लिए देशभर के सभी स्कूल, काॅलेजों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम, समारोह और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिससे छात्रों को इस प्रकार के गौरवशाली दिन से अवगत कराया जा सके।
मुख्य अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने विजय दिवस की शुभकामनायें देते हुए कहा कि यह दिन उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पण करने का दिन है जो हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये। यह दिन समर्पित है उन्हें जिन्होंने अपना आज हमारे के लिए लिए बलिदान कर दिया।
इस अवसर पर विनय थपलियाल, वैभव बत्रा, डाॅ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, डाॅ. प्रज्ञा जोशी, दीपिका आनन्द, डाॅ. सरोज शर्मा, डाॅ. कुसुम नेगी, डाॅ. रजनी सिंघल, डाॅ. आशा शर्मा, नेहा सिद्दकी, विनीत सक्सेना, मोहन चन्द्र पाण्डेय, वेद प्रकाश चौहान, हेमवंती आदि सहित काॅलेज के अनेक शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित थे।