ताकि न हो कांवड़ियों की हरकी पैड़ी में एंट्री, हरिद्वार बॉर्डर सील कर पुलिस का ये है प्लान

कांवड़ यात्रा कैंसिल होने के बाद कांवडि़यों का प्रवेश रोकने के लिए हरिद्वार जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के साथ ही कांवड़ मेले की शुरुआत होती है। हालांकि, कुछ लोग आज (शनिवार) गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाएंगे। कांवड़िए हरकी पैड़ी में गंगाजल लेने के लिए आएंगे,इसके मद्देनजर पुलिस ने सख्ती का प्लान बनाया है।

बताया कि किसी भी कांवड़िए को दूसरे प्रदेशों से उत्तराखंड आने की इजाजत नहीं दी जाएगी। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि कांवड़ियों को रोकने के लिए चिड़ियापुर सीमा पर एक दरोगा 8 सिपाही और एक प्लाटून पीएसी, नारसन सीमा पर 5 एसआई, 21 सिपाही और एक प्लाटून पीएसी भी लगाई गई है।

शुक्रवार को पुलिस ने 120 वाहनों को सीमा से वापस लौटाया गया। इनमें पांच वाहन कांवड़ियों के थे। मंडावर सीमा में 13 सिपाही 4 दरोगा और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात की गई है। जबकि, काली नदी भगवानपुर सीमा में दो दरोगा, 14 सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी, भूपतवाला सप्तऋषि की सीमा पर 4 दरोगा, 9 सिपाही और एक सेक्शन पीआरडी तैनात किया गया है। एसएसपी ने कहा कि कांवड़ियों के सीमा से प्रवेश करने पर उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।