महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामलाः दो बड़े प्रॉपर्टी डीलर भी सीबीआई की रडार पर

हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में हुई मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद उनकी मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला है कि घटना से एक दिन पूर्व उनके मोबाइल पर 35 लोगों के फोन आए थे जिनमें से 18 कॉल महंत नरेंद्र गिरी ने रिसीव किए और उन पर बात हुई जबकि 17 फोन कॉल रिसीव नहीं किए गए। फोन करने वालों में दो हरिद्वार के बड़े प्रॉपर्टी डीलर के नंबर भी हैं जिन्हें सीबीआई पूछताछ के लिए बुला सकती है।
महंत नरेन्द्र गिरी की मौत को प्रारंभिक दौर में आत्महत्या माना जा रहा था किंतु साक्ष्य एवं अन्य जानकारियों से मिली जानकारियां सामने आने पर इसे संदिग्ध माना गया। पता यह भी चला है कि बीते कुछ दिनों में उन्हें फोन पर धमकियां दी जा रही थी तथा उनके नाम का एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उल्टी-सीधी बातें शेयर की जा रही थी जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से भी की थी। बाघ्ंाबरी मठ प्रयागराज के आश्रम की जमीन की बिक्री और हरिद्वार स्थित जगजीतपुर की जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर भी विवाद की बातें सामने आई है। जगजीतपुर की 20 बीघे जमीन को लेकर 18 करोड़ के लेन-देन की बात भी सामने आई है। पता यह भी चला है कि उनसे जुड़े किसी आपत्तिजनक वीडियो को लेकर भी उन्हें धमकियां दी जा रही थी तथा उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। सीबीआई की 5 सदस्य टीम अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में हरिद्वार के दो बड़े प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डरों के नाम भी सामने आए हैं जिन्होंने 1 दिन पूर्व उनसे फोन पर बात की थी। सीबीआई अब इन बिल्डरो से भी पूछताछ कर सकती है।