चेन्नई की श्रमिक ट्रेन से आये 1400 प्रवासी

 
हरिद्वार ।
चेनई श्रमिक स्पेशल 12 वीं ट्रेन 875 प्रवासियों को लेकर बुधवार की सुबह 12.30 बजे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन में 1400 प्रवासियों ने आने के लिए पंजीकरण करवाया था हरिद्वार पहुंचने पर ट्रेन की कई बोगी खाली मिली
चेनई से आने वाले प्रवासियों का रेलवे स्टेशन पर ताली बजाकर स्वागत किया। हरिद्वार पहुंचने वाले प्रवासियों में 25 प्रवासी यूपी और एक
हिमाचल प्रदेश का प्रवासी भी शामिल है। हरिद्वार पहुंचने वाले प्रवासियों को सोशल डिस्टेसिंग के जरिये सत्यापन कराते हुए, नश्ता देेकर
चार जनपदों को छोड कर अन्य जनपदों के प्रवासियों को उनके गृह जनपदों की ओर रवाना किया वहीं देहरादून से बिहार के
किशनगंज के लिए रवाना हुई बिहार श्रमिक स्पेशल ट्रेन में छः कोच हरिद्वार से जोड़े गए उनमें 432 प्रवासियों को बिहार के लिए रवाना
किया गया।
बताते चले कि प्रवासियों को लेकर हरिद्वार पहुंचने वाली चेनई श्रमिक स्पेशल 12वीं ट्रेन 875 प्रवासियों को लेकर हरिद्वार
पहुंची। जिसका हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ताली बजाकर स्वागत किया गया। हरिद्वार पहुंचने वाले प्रवासियों का सोशल डिस्टेसिंग के जरिये
उनका सत्यापन कराया गया। हरिद्वार पहुंचे चेनई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 875 प्रवासियों में उत्तराखण्ड राज्य अल्मोडा के 35, बागेश्वर के
66, चमोली के 44, चम्पावत के 43, देहरादून के 50, हरिद्वार 36, नैनीताल के 40, पौड़ी के 42, पिथौरागढ के 67, रूद्रप्रयाग के
63, टिहरी 153, उधम सिंह नगर के 189, उत्तरकाशी के 21, वहीं उत्तर प्रदेश 25 और हिमाचल प्रदेश का 01 प्रवासी शामिल है।
प्रवासियों को नश्ता देकर चार जनपदों हरिद्वार के 36, चमोली के 44, उत्तरकाशी के 21 और रूद्रप्रयाग के 63 प्रवासियों को छोड कर
प्रदेश के अन्य जनपदों के प्रवासियों को उनके गृह जनपदों की ओर रवाना किया गया। चार जनपदों के प्रवासियों को शहर के विभिन्न
क्षेत्रों में क्वांरटाइन किया गया है। जबकि यूपी व हिमाचल प्रदेश के प्रवासियों को राहत शिविर भेजा गया है। चेनई श्रमिक स्पेशल टेªन
का हरिद्वार पहुंचने का निर्धरित समय सुबह 11.40 बजे था लेकिन ट्रेन अपने निर्धरित समय से सवा घण्टा देरी यानि 12.25 बजे
पहुंची। वहीं दूसरी ओर देहरादून से बिहार जाने वाली बिहार श्रमिक स्पेशल ट्रेन हरिद्वार से दोपहर 2.50 बजे बिहार के लिए रवाना हुई।
ट्रेन में हरिद्वार से छः कोच जोड़े गये, जिसमें हरिद्वार से 432 प्रवासियों को हरिद्वार से बिहार की ओर रवाना किया गया। जोकि बिहार
के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। चेनई श्रमिक स्पेशन ट्रेन के हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंचने पर प्रशासनिक अध्किारियों में सीडीओ
विनीत तोमर, एडीएम केके मिश्रा, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, जीआरपी एएसपी मनोज कत्याल,
एसडीएम कुसुम चौहान, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, एआरटीओ मनीष कुमार, रेड क्रास अधिकारी डाॅ. नरेश चौधरी आदि मौजूद थे।
___________________________________
गंगा से रेस्क्यू कर निकाले गये घायल हाथी की मौत
हरिद्वार ।
चीला के राजाजी टाइगर रिजर्व में दो हाथियों के बीच हुए संघर्ष में घायल टस्कर हाथी की देर रात मौत हो गयी थी।
जिससे वन विभाग व राजाजी टाइगर रिजर्व अध्किारियांे में हड़कम्प मच गया। देहरादून में बैठे दोनों विभागों के आला हरिद्वार
पहुंचे और घटना की जानकारी ली। बताया जा रहा हैं कि मृत हाथी का पोस्टमार्टम के पश्चात उसको दपफनाया जाएगा। घायल हाथी के
मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा। बताते चले कि मंगलवार की तड़केेे वन विभाग व राजाजी टाइगर रिजर्व
अधिकारियों को सूचना मिली कि ठोकर नम्बर 01 के पास चिला के जंगल की ओर से गंगा पार करते हुए एक हाथी आबादी क्षेत्रा
सप्त ऋषि की ओर आ रहा है। सूचना पर डीएपफओ नीरज शर्मा, रेंजर दिनेश नौडियाल और राजाजी टाइगर रिजर्व अधिकारियों की टीम
मौके पर पहुंची। जिन्होंने देखा कि गंगा के रास्ते एक हाथी आबादी क्षेत्रा में आने का प्रयास कर हा था। उसको वापस चीला के जंगल की
ओर खदेड़ने के लिए ढोल नगाडे बजाएं शोर सुनकर हाथी गंगा के बीच रूक गया और घण्टों वहीं खड़ा रहा। वन विभाग की
टीम के हाथी को वापस भेजने के प्रयास नाकाम रहे। वन विभाग अधिकारियों ने चीला रेंज के अधिकारियों से सम्पर्क मामले से
अवगत कराया गया। तब जाकर पता चला कि देर रात को दो हाथियों के बीच भिड़त हुई थी। जिसमें एक टस्कर हाथी घायल होकर गंगा
की ओर भाग गया था। वन विभाग के अनुसार टस्कर हाथी भिड़त में घायल हो गया था। इसलिए दोनों विभाग को बडी सावधनी से हाथी
को कंट्राॅल कर वापस जंगल में भेजने कके प्रयास में जुटे रहे। लेकिन बाद में अपने निजी हाथियों की मदद से गंगा से टस्कर घायल
हाथी को बाहर निकाल लिया गया। राजाजी टाइगर रिजर्व व वन विभाग टीम घायल हाथी को समान्य होने की प्रतिक्षा में रहा। बताया जा
रहा हैं कि घायल हाथी की रात को मौत हो गयी। जिसकी जानकारी मिलते ही देहरादून में बैठे राजाजी टाइगर रिजर्व और वन विभाग
अधिकारियों में हड़कम्प मच गया और दोनों विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। जिन्हांेने मामले की जानकारी लेते हुए मृत हाथी
को चीला ले जाया गया। जहां पर मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद दफनाये जाने की प्रक्रिया समाचार लिखे जाने तक की जा
रही थी। जिला वन प्रभागीय अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि चीला रेंज में दो हाथियों के बीच संघर्ष हुआ था। संघर्ष में घायल एक
हाथी गंगा से होते हुए सप्त ऋषि क्षेत्र में रेस्क्यू किया गया था। जिसकी देर रात उसकी मौत हो गई। चीला में हाथी का पोस्टमार्टम किया
जा रहा है बाकी कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चल सकेगा।