शांतिकुंज प्रमुख से की पूछ ताछ

हरिद्वार
शांतिकुंज के प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या से शनिवार की रात पुलिस टीम करीब डेढ़ घंटे पूछताछ करने के बाद वापस लौट आई। इससे पूर्व टीम दिल्ली में पीड़ित युवती के बयान दर्ज कर चुकी है। हाई प्रोफाइल मामला होने पर पुलिस भी नापतोल कर जांच कर रही है। हाई कोर्ट से डॉ प्रणव पंड्या की गिरफ्तारी पर स्टे भी मिला है।
डॉ पंड्या पर छत्तीसगढ़ की रहने वाली युवती ने दिल्ली के थाने में दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था दिल्ली से मुकदमा हरिद्वार ट्रांसफर होने पर नगर कोतवाली में संबंधित धारा दर्ज होने के बाद एसएसपी ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था। दुष्कर्म मामले की जांच कर टीम में शामिल जांच अधिकारी मीना आर्य ने शांतिकुंज पहुंचकर डॉक्टर प्रणव पंड्या व उनकी पत्नी शैलबाला जीजी से करीब डेढ़ घंटे तक युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोप के बारे में पूछताछ करने के बाद जांच टीम वापस लौट आई। इससे पूर्व जांच टीम ने दिल्ली में रहने वाली छत्तीसगढ़ की युवती के भी बयान दर्ज किए थे। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ की रहने वाली युवती ने शाहदरा के विवेक विहार थाने में 5 मई को डॉ प्रणव पंड्या व शैलबाला जीजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने तहरीर में बताया कि वर्ष 2010 में वह शांतिकुंज में सेवा कार्य करती थी और नाबालिग थी। उस समय डॉ प्रणव पंड्या ने अपने कक्ष में उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले की जब उनकी पत्नी शैलबाला जीजी को जानकारी दी तो उन्होंने चुप रहने की धमकी दी थी। पीड़िता की तहरीर पर दिल्ली पुलिस ने जीरो में मुकदमा दर्ज कर हरिद्वार ट्रांसफर कर दिया था। नगर कोतवाली में संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अब्बुदई कृष्णराज एस ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था। सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग के नेतृत्व में जांच अधिकारी महिला हेल्प लाइन प्रभारी मीना आर्य को बनाया गया। टीम ने पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस भी जांच गंभीरता से कर रही है।