बे- घर हुआ मजदूर इंदू का परिवार

 
रक्षाबंधन की रात को लगी झोपड$ी में लगी आग से सभी सामान जलकर राख हो गया। चिडियापुर निवासी इंदु की झोपड$ी में रक्षाबंधन की रात लगभग 11 बजे आग लग गई। झोपड$ी में रखा हुआ सभी सामान जलकर राख हो गया। इंदु अपने चार बच्चों का पालन पोषण मजदूरी करके करती है। इंदू के सर से पति का साया काफी समय पहले उठ गया था, इंदु मजदूरी करके जैसे तैसे अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। इंदु ने बताया सोमवार की रात लगभग 11 बजे सभी सो रहे थे। झोपड$ी में अचानक आग लग गई तथा उसने अपने चारों बच्चों को बाहर निकाला। आसपास के लोगों ने जब तक पहुंच कर आग पर काबू पाया तब तक सभी सामान जलकर राख हो गया। इंदु ने बताया बच्चों के खर्चे के लिए रखे हुए 5हजार व मोबाइल फोन तथा बैंक की पासबुक आधार कार्ड भी झोपड$ी में जलकर राख हो गए। उसके सामने पहाड$ जैसी समस्या खड$ी हो गई है। अब वह चारों आेर सहायता भरी नजरों से देख रही है, एक तो मौसम की मार इस समय उसको चारों आेर अंधकार ही अंधकार नजर आ रहा है। क्योंकि वर्षा ऋतु का मौसम होने से थोड$ी थोड$ी देर के बाद बारिश बरसने लगती है। जिससे इंदु के पास अपने व अपने बच्चों के ऊ पर अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए व सर छुपाने के लिए छत नहीं है। इस भारी विपत्ति में उसकी सहायता करने वाला कौन आगे आता है यह तो समय ही बताएगा। घटना की सूचना पर गैडीखाता पंचायत के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीडि$त परिवार को सांत्वना दी। कहा उनके द्वारा जो भी बन पड$ेगा पीडित परिवार कीसहायता की जाएगी। क्षेत्रीय लेखपाल रामनाथसिंह ने बताया आग लगने का कारण मानवीय भूल थी।