गढ़वाल विवि में सीबीआई के छापे से अफरा-तफरी 

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी में हुई गड़बड़ियों को लेकर सीबीआई ने छापेमारी की है। सुबह 9 बजे से सीबीआई की चार सदस्यीय टीम छापेमारी में जुटी हुई है। इससे विवि प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने विवि एफिलिएशन से संबंधित दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला। सीबीआई गढ़वाल विवि से निजी कॉलेजों को सम्बद्धता मामले की जांच कर रही है। आरोप ये भी हैं कि उन्होंने नियमों कानूनों को ताक पर रखकर कई कॉलेजों को यूनिवर्सिटी की संबद्धता दी और इस पूरी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुईं। 
 इससे पहले बीती 9 जुलाई को भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की एक टीम ने यूपी से लेकर उत्तराखंड तक ताबड़तोड़ 14 स्थानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर के पूर्व कुलपति समेत अन्य के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। देहरादून, श्रीनगर (उत्तराखंड) और नोएडा (यूपी) के 2014 से 2016 तक तत्कालीन विश्वविद्यालय के कुलपति के अलावा ओएसडी व अन्य लोगों के अलग-अलग बैंकों के तीन लॉकर भी खंगाले गए। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने पहले वर्ष 2014 से 2016 तक हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति रहे और अन्य लोगों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के उपरांत मुकदमा दर्ज किया था। सीबीआई के मुताबिक तत्कालीन कुलपति ने 2014 से 2016 तक अपने कार्यकाल के दौरान कई अनियमितताएं संस्थानों में की. इतना ही नहीं, अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों और संस्थानों को संबद्धता देने में भ्रष्टाचार का खेल किया। आरोप है कि विश्वविद्यालय के तत्कालीन लोकसेवक ने अपने और एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के अन्य अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर कई निजी कॉलेजों की मौजूदा संबद्धता को जारी रखने के लिए अपने दिशा-निर्देशों के तहत नियमों का उल्लंघन किया।