महिला सशक्तिकरण का असली कार्य मोदी सरकार द्वारा किये जो रहेः डी पुरुंदेश्वरी

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव डॉ डी पुरुंदेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को  सेवा करने का उचित माध्यम मोदी सरकार में मिला है। विपक्षी दलों के नेतागण पिछले कई वर्षों से बड़े-बड़े मंचों से महिला सशक्तिकरण के नारे लगाते रहे मगर महिला सशक्तिकरण का असली कार्य मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज बढ़-चढ़कर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का प्रयास कर रही है। मोदी सरकार के आने से कुपोषित बच्चों की वृद्धि दर में बहुत तेजी से गिरावट आई है, कुपोषण का एक मुख्य कारण स्वच्छता का पालन ना हो पाना भी रहा है, मोदी सरकार ने बहुआयामी पहल करते हुए स्वच्छ भारत अभियान को अपनाया जिससे कि कुपोषित होने की वृद्धि में भी  काफी गिरावट आई है। स्वास्थ्य महिला सशक्तिकरण का प्रमुख अंग हमेशा से रहा है। पोषण अभियान के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य को उस से जोड़ा गया,  मोदी सरकार ने नारी शक्ति को केंद्रित करते हुए उनके लिए पिछले 7 वर्षों में विभिन्न योजनाओं को लाकर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है। मोदी सरकार द्वारा रविवार के पहले हफ्ते में गर्भवती महिलाओं को मुफ्त चिकित्सा इलाज की व्यवस्था दी जा रही है जिससे कि स्वास्थ के प्रति उनको सही समय पर सही जानकारी मिल पा रही है।
   उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा के सभी पदाधिकारियों का दायित्व  सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का कार्य करना चाहिए।  यह इसमें हमारा प्रयास रहना चाहिए। कोरोना के काल में हमने देखा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं को विभिन्न दिक्कतों से सामना करना पड़ा और उनके लिए मोदी सरकार ने आने वाले समय कदम उठाने के लिए भी कहा है जिससे भविष्य में सुविधा सुनिश्चित हो सके। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक कार्यक्रम के माध्यम से नए हेल्थ वॉलंटियर निर्माण करने का बीड़ा उठाया है और यह सार्थक सिद्ध हो रहा है। ये वॉलंटियर्स किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकार और डॉक्टरों के बीच में एक मजबूत सेतु का काम करेगें। महिला सशक्तिकरण का अर्थ मात्र महिलाओं की पूजा करने से नहीं होता बल्कि उनका सम्मान, उनको सही रोजगार, उचित स्थान देना,  उनके उत्थान के लिए निरंतर सरकारों और समाज का प्रयास रहना चाहिए, वही अंततः नारी सशक्तिकरण का मूल मंत्र बनेगा।
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