भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन को मिली,क्ष स्वामी परमानंद उदासीन आश्रम , हरिद्वार की महंतायी

हरिद्वार । सोमवार अश्विन कृष्ण पक्ष षष्ठी , विक्रम सम्वत् 2078 , हरिशेवा उदासीन आश्रम भीलवाड़ा राजस्थान के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन को हरिद्वार स्थित स्वामी परमानंद उदासीन आश्रम , मायापर , श्रवणनाथ नगर हरिद्वार उत्तराखंड का महंत नियुक्त किया गया । श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के सत पंच परमेश्वर व अनेक संतों ,महंतों , मुक़ामी , भक्तजनों की उपस्थिति में स्वामी परमानंद आश्रम के ब्रह्मलीन महंत परमानंद जी के रिक्त स्थान पर महंत की नियुक्ति पर विचार विमर्श किया गया , तत्पश्चात् सर्व सम्मति से महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी को विधिवत तिलक चादर पहना कर स्वामी परमानंद उदासीन आश्रम का महंत नियुक्त किया गया ।
इस अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्री महंत महेश्वरदास जी , श्रीमान महंत रघुमुनि जी , श्रीमान महंत दुर्गादास जी , महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद जी हरिद्वार , महामंडलेश्वर कपिल मुनि जी , महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश जी , मुक़ामी महंत दामोदरदास जी कोठारी , श्रीमहंत गंगादास जी शोकीदास आश्रम हरिद्वार , महंत प्रकाश मुनि – राम शंकर आश्रम हरिद्वार , महंत सुतीक्ष्ण मुनि की , महंत श्रवण मुनि , महंत दिव्यानंद जी , महंत अद्वेतमुनि जी वृंदावन , स्वामी निर्मलदास जी काशी , बाबा हठयोगी जी , महंत दिनेश दास जी , महंत रविदेव शास्त्री जी , अजमेर से – महंत स्वरूपदास जी , महंत हनुमान राम – पुष्करराज अजमेर , उल्लासनगर नगर से महंत आसनदास जी , इंदौर से संत संतदास जी , हरिशेवा आश्रम के संत मयाराम उपस्थित थे ।
देश के अनेक शहरों से भक्त , भीलवाड़ा से हेमंत वच्छानी , हरीश गुरनानी , कन्हैयालाल मोरयानी , सूरत से सुरेश आहूजा , भोपाल से चंदर लालचंदानी , अहमदाबाद से जयराम अभिचंदानी , दिल्ली से संजय आहूजा , कोटा से राजू चावरानी , बड़ोदा से नितिन नोतानी , मुंबई से राहुल बालानी , अजमेर से लक्ष्मण दोलतानी , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रिय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य दिनेश चंद्र जी , रविंद्र जाजू , चाँदमल सोमानी , भगवान सिंह जी , अशोक मूँदडा ,आदि उपस्थित थे ।
कोरोना महामारी को देखते हुए सम्पूर्ण कार्यक्रम सूक्ष्म रूप में आयोजित किया गया एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतों व आमजन का भंडारा किया गया ।